चक्रवात दित्वा बंगाल की खाड़ी में तेजी से ताकतवर होता जा रहा है और भारत के तटों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव के संकेत 24 घंटे पहले से ही दिखने लगे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार सुबह 6 बजे चक्रवात चेन्नई से करीब 390 किमी और पुडुचेरी से लगभग 290 किमी दूर था। तूफान के कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश जारी है और कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल रही हैं।
चेन्नई में समुद्र उफान पर है और तेज हवाएं स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि चक्रवात दित्वा आज तट से टकरा सकता है, जिससे बारिश और हवाओं की रफ्तार और बढ़ सकती है। पुडुचेरी में भी उच्च ज्वार, समुद्री उथल-पुथल और लगातार बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तट के पास न जाने की अपील की है।
तूफान की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की 6 बटालियनों की पांच टीमों को गुजरात के वडोदरा से चेन्नई एयरलिफ्ट कर तैनात किया गया है। ये टीमें FWR और CSSR संसाधनों से पूरी तरह लैस हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
चक्रवात का असर परिवहन सेवाओं पर भी दिख रहा है। चेन्नई एयरपोर्ट को रविवार को 47 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 36 घरेलू और 11 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। इसी तरह, रेलवे ने भी सुरक्षा के मद्देनजर कई ट्रेनों को रद्द किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी जोन और डिवीज़न को अलर्ट रहने और वॉर रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।


