भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरीदार - indiannewsportal

Recent News

Copyright © 2024 Blaze themes. All Right Reserved.

भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरीदार

indiannewsportal.com

Share It:

Table of Content


नई दिल्ली। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (स्रिपी) ने ग्लोबल आर्म्स सेल्स को लेकर ताजा रिपोर्ट दी है। इसमें कहा गया है कि भारत अभी भी अपनी 48 प्रतिशत रक्षा साम्रगी की सप्लाई रूस से कर रहा है लेकिन रूस पर भारत की निर्भरता कम हो रही है। वहीं भारत अब अपने 24 प्रतिशत हथियार फ्रांस से खरीद रहा है। भारत अब दुनिया भर में दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरीददार है और यूक्रेन पहले नंबर पर पहुंच गया है। स्रिपी रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस से भारत का मोहभंग हो चुका है और नई दिल्ली तेजी से पश्चिमी देशों की तरफ मुड़ गया है।
फ्रांस जो 2021-2025 में बड़े हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर है उसका सबसे बड़ा खरीददार अब भारत बन चुका है। इसी टाइम फ्रेम में रूस का सबसे बड़ा खरीददार अभी भी भारत (48प्रतिशत) बना हुआ है। भारत के बाद चीन (13प्रतिशत) सबसे ज्यादा रूसी हथियार खरीद रहा है जबकि बेलारूस (13प्रतिशत) रूसी हथियार खरीदने के मामले में तीसरे नंबर पर है।
स्रिपी रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत के कुल आयात का 48 प्रतिशत हिस्सा अब भी रूस से आता है, लेकिन यह पहले की तुलना में कम हुआ है। भारत अब फ्रांस (24प्रतिशत) और अन्य पश्चिमी देशों की ओर देख रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान अपने हथियारों के लिए पूरी तरह चीन पर निर्भर हो चुका है। पाकिस्तान 80 प्रतिशत से ज्यादा हथियार सप्लाई के लिए चीन पर निर्भर हो चुका है। जो भारत के खिलाफ एक टू फ्रंट वॉर की स्थिति बनाता है। वहीं, यूक्रेन अब दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया है (9.7प्रतिशत), जबकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक (42 प्रतिशत शेयर) बना हुआ है।
स्रिपी रिपोर्ट से पता चला है कि 2016-20 के बीच यूक्रेन दुनिया के कुल हथियार आयात का सिर्फ 0.1 प्रतिशत हिस्सा था। लेकिन अब (2021-25) वह 9.7 प्रतिशत के साथ दुनिया का नंबर 1 हथियार खरीदने वाला देश बन गया है। यह दिखाता है कि युद्ध ने कैसे एक देश को हथियारों की सबसे बड़ी मंडी बना दिया। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बना हुआ है। दुनिया के कुल हथियारों का 42 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ अमेरिका बेचता है। पिछले 5 सालों में अमेरिका का हथियारों का निर्यात 27 प्रतिशत बढ़ गया है। बीतें 5 सालों में यूरोप में हथियारों का आयात 210 प्रतिशत बढ़ा है। यह द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद की सबसे बड़ी सैन्य हलचल है। रूस-यूक्रेन युद्ध से यूरोपीय देशों का डर बढ़ गया है। पोलैंड, जर्मनी और नॉर्वे जैसे देश अब अपनी जीडीपी का बड़ा हिस्सा रक्षा पर खर्च कर रहे हैं। अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन यूक्रेन के मुख्य सप्लायर अभी भी बने हुए हैं जिन्होंने उसे एयर डिफेंस सिस्टम, टैंक और मिसाइलें बेची हैं।

Tags :

Grid News

Latest Post

Find Us on Youtube

is not relation with any media house or any media company tv channel its independent website provide latest news and review content.

Latest News

Most Popular