महाराष्ट्र में तीन महीने में किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के 55 मामले मिले, इसमें अविवाहित भी शामिल - indiannewsportal

Recent News

Copyright © 2024 Blaze themes. All Right Reserved.

महाराष्ट्र में तीन महीने में किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के 55 मामले मिले, इसमें अविवाहित भी शामिल

indiannewsportal.com

Share It:

Table of Content


अहिल्यानगर: महाराष्ट्र में किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के चौकाने वाले मामले सामने आए हैं. अहिल्यानगर जिले में आंगनवाड़ी, आशा वर्करों के सर्वे में चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं. इस दौरान यह तथ्य निकलकर सामने आया है कि पिछले कुछ समय में भागकर शादी करने की प्रवृति बढ़ी जिससे किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के मामले बढ़े. सर्वे में एक अविवाहित युवती भी गर्भवती पाई गई.

महाराष्ट्र की आंगनवाड़ी वर्कर्स या आशा (एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट्स) वर्करों के एक सर्वे में राज्य के अहिल्यानगर जिले के अकोले तालुका में एक अविवाहित लड़की सहित किशोरावस्था में प्रेगनेंसी के 56 मामले पाए हैं. अधिकारियों का कहना है कि किशोरावस्था में प्रेगनेंसी की वजह कम उम्र की लड़कियां शादी करने के लिए अपने प्रेमियों के साथ भाग जाती हैं.

ईटीवी भारत के संवाददाता के छानबीन में पता चला है कि ये मामले तब सामने आए जब आंगनवाड़ी वर्कर दूध पिलाने वाली मांओं को पौष्टिक आहार देने के लिए गांवों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही थी. उन्हें ऐसे मामलों से जुड़ी 56 लड़कियां मिली. इनमें से कुछ ने तो बच्चे को जन्म भी दिया है.

हालांकि, चूंकि इनमें से कई लड़कियां ‘कम उम्र की मां’ हैं, इसलिए किसी भी सरकारी रिकॉर्ड में उनकी प्रेग्नेंसी या डिलीवरी का कोई रिकॉर्ड नहीं है. भारत में लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 18 साल है जबकि लड़कों की 21 साल है. अकोले तालुका में बाल विवाह की बढ़ती संख्या चिंता की बात है, क्योंकि सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण पर करोड़ों रुपये खर्च करती है.

एनजीओ ‘समर्थ’ के सोशल वर्कर और अकोले तालुका चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी के सदस्य श्रीनिवास अशोक रेणुकदास ने कहा कि किशोरावस्था में प्रेगनेंसी का एक मुख्य कारण यह है कि युवा शादी करने के लिए भाग रहे हैं. रेणुकदास ने कहा, ‘युवा लड़कियों के भागकर शादी करने की संख्या भी बढ़ी है.

तालुका में औसतन हर दो दिन में एक लड़की भागकर शादी कर लेती है. हमारे संगठन समर्थ ने पिछले पांच सालों में प्रशासन की मदद से अकोले तालुका में 500 से ज्यादा बाल विवाह रोके हैं. इन घटनाओं ने यहां एक अनोखी सामाजिक समस्या पैदा कर दी है.’

अकोले तालुका के महिला और बाल विकास विभाग के अभी दो प्रोजेक्ट हैं. एक राजूर में और दूसरा अकोले में. अकोले प्रोजेक्ट में 11 सुपरवाइजर और 326 आंगनवाड़ी वर्कर हैं. आंगनवाड़ी वर्कर महीने में एक बार गर्भवती और दूध पिलाने वाली मांओं का सर्वे करती है और सर्वे के नतीजों के आधार पर उन्हें पौष्टिक आहार प्रदान करती हैं.

रेणुकदास ने ईटीवी भारत को बताया कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने इस मामले पर संज्ञान लिया है. उन्होंने गांव स्तर पर बाल सुरक्षा समितियां बनाने और एक खास एक्शन प्लान बनाने का सुझाव दिया. अकोले में हाल ही में बाल विवाह रोकने पर एक ट्रेनिंग रखी थी, और गांव के सरकारी प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी गई थी.

महिला और बाल कल्याण विभाग की अकोले प्रोजेक्ट ऑफिसर अर्चना एखंडे ने अकोले तालुका में स्कूलों, ग्राम सेवकों (गांव के विकास अधिकारियों), कुछ संगठनों और संस्थानों का दौरा किया है. अधिकारियों ने बाल विवाह के खिलाफ लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है.

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रोजेक्ट ऑफिसर अर्चना एखंडे के अनुसार, यह जानकर हैरानी हुई कि पिछले तीन महीनों में हमें 55 कम उम्र की शादीशुदा लड़कियां और एक अविवाहित लड़की मिली हैं.’ कई महिलाएं जानबूझकर महिला एवं बाल विकास विभाग की गर्भवती और दूध पिलाने वाली मांओं की महीने की जनगणना के लिए रजिस्टर करने से मना कर देती हैं.

समाज के दबाव, बदनामी के डर और अधिकारियों की वजह से कई मामले रिपोर्ट नहीं हो पाते. महाराष्ट्र में आशा और ग्रुप प्रमोटर फेडरेशन की स्टेट काउंसिल मेंबर संगीता साल्वे के अनुसार, ‘इससे कम उम्र की गर्भवती और नवजात मांओं की सेहत भी खराब हुई है. इससे हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी कई हेल्थ प्रॉब्लम होती हैं.’ उन्होंने कहा कि बाल विवाह कई हेल्थ प्रॉब्लम की मुख्य वजह है और कहा कि इस सामाजिक बुराई को पूरी तरह खत्म करना होगा. मेरा संदेश है, ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ.’

इंदिरा कांग्रेस कमेटी की स्टेट वाइस-प्रेसिडेंट गिरिजा पिचड़ ने कहा कि उन्होंने इस प्रथा को रोकने के लिए अकोले तहसीलदार, महिला और बाल विकास प्रोजेक्ट ऑफिसर और महाराष्ट्र स्टेट कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन रूपाली चाकणकर को शिकायत दी है.

अकोले पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर मोहन बोरसे के मुताबिक 2022 में अकोले पुलिस स्टेशन के आस-पास नाबालिग लड़कियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के 4 मामले सामने आए. उन्होंने कहा कि 2023 में 14, 2024 में 16 और 2025 के पहले नौ महीनों में 10 मामले सामने आए हैं.

खासकर छोटी लड़कियों के लापता होने की संख्या चिंताजनक है. उन्होंने कहा, ‘2022 में 75 मामले, 2023 में 102, 2024 में 84 और 2025 के पहले नौ महीनों में 84 मामले सामने आए.’

Tags :

Grid News

Latest Post

Find Us on Youtube

is not relation with any media house or any media company tv channel its independent website provide latest news and review content.

Latest News

Most Popular